स्वयम केंद्र

अंततः संभाग के कुछ एक जिले में जैसे बिलासपुर, कोरबा एवं रायगढ़ में 'स्वयम रिसोर्स सेण्टर' विकसित किया जावेगा|
जो निम्न पांच बिन्दुओ पर केन्द्रित रहेगा:-

  • स्कूल/कॉलेज/तकनीकी शिक्षा व्यवसायिक पाठ्यक्रम आदि संस्थानों में प्रवेश की सुविधा प्रदान करना|
  • कौशल विकास एवं रोजगार मूलक प्रशिक्षण निःशक्तजनो को दिया जाना ताकि समाज में अपनी पहचान स्थापित कर सके| आजीविका के संसाधन विकसित करना|
  • परामर्श प्रदान करना|
  • रिसोर्स मोबिलाइजेशन(वित्तीय लिंकेज व उपकरण उपलब्धता)|
  • समुदाय आधारित पुनर्वास(कम्युनिटी बेस्ड रिहेबिलिटेंशन) के तहत समान अवसर का लाभ दिलाने का प्रयास एवं समाज में उपयुक सम्मानजनक स्थान दिलवाने की पहल करना है|
उपरोक्त पांचो कार्यो/सविधाओ को एक ही स्थल पर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया जाकर अपने स्तर पर कार्ययोजना के सम्बन्ध में सुक्ष्म प्रबंधन का लिया जावे|

अनुकूल वातावरण

पुरे संभाग में निःशक्तजनो अनुकूल वातावरण तैयार करने की भावना के साथ ही इस दिशा में प्रत्येक शिक्षण संस्थान, सार्वजानिक स्थानों पर, कार्मिक संस्थान, चिकित्सालय, शासकीय अथवा गैरशासकीय संस्था में रैंप बनवाने का कार्य पूर्ण करा लिया जावे| साथ ही समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण हेतु जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जावेगा|
निःशक्तजनो के 'सामुदायिक पुनर्वास' एवं अपनापन हेतु वातावरण तैयार करने पर विशेष प्रयास किया जावेगा| इससे निःशक्तो की महत्वपूर्ण भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही उनके आत्म सम्मान, स्वयं को सिद्ध करने के ओर उलेखनीय कदम साबित होगा| समस्त संभाग में विशिष्ट योग्यता(Specially Abled) व्यक्ति के लिए उनके अनुरूप स्वच्छ शौचालय का निर्माण समस्त स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों, सार्वजनिक स्थान, चिकित्सालय समस्त कार्मिक संस्थानों में शत प्रतिशत पूर्ण किया जाना है|