शासन की योजनाओं के साथ अभिसरण

  1. मुख्यमंत्री कौंशल विकास योजना-

    मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत निशक्तजनो को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है| समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रय दत्त कर्मशाला तिफरा में कंप्यूटर कोर्स, जनरल इलेक्ट्रिक फिटिंग एवं पेंटिंग व्यवसाय, सिलाई-कटाई, स्क्रीन प्रिंटिंग हेतु मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है|

  2. स्वरोजगार-

    निशक्तजनो हेतु, समाज कल्याण विभाग द्वारा निशक्जन वित्त विकास निगम के माध्यम से 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता से ग्रसित व्यक्ति को(महिला/पुरुष) अधिकतम 10.00 लाख रुपये(दस लाख) तक, स्वरोजगार स्थापित करने हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाता है| जिसे निशक्त द्वारा समान मासिक किस्तों में अदायगी किया जाना अनिवार्य होता है| नियमित किस्त पटाने पर सब्सिडी भी देय है|

  3. बैंक लिंकेज-

    सभी निशक्तजनो को शासन से प्राप्त सविधाओ का लाभ बैंको के माध्यम से दिया जाना है| अतः नगरीय निकाय/जनपद पंचायत के अंतिम छोर पर निवासरत निशक्तजनो का खाता खोलना प्राथमिकता के आधार पर किया जाये|

  4. स्वच्छ भारत मिशन-

    स्वच्छता अभियान अंतर्गत शासकीय/अशासकीय संस्थानों में निःशक्तो के सुविधा अनुसार स्वच्छ शौचालयो की उपलब्धता सुनिश्चित करना एवं ऐसे निःशक्त जो दूर दराज ग्रामीण इलाको में निवास करते है उन्हें भी स्वच्छ शौचालय उपलब्ध करवाना है| तत्सम्बंध में नगरीय निकाय/जनपद पंचायत स्तर पर प्रयास हो|

  5. जन धन योजना-

    प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत निःशक्तजनो के खाते खोले जा कर उनको शासन द्वारा दी जा रही छात्रवृत्ती, पेंशन, विवाह प्रोत्साहन राशि, ऋण एवं अनुदान राशि से प्राप्त राशि खाते के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जाये|

  6. आधार कार्ड/ईपिक कार्ड-

    आधार कार्ड/ईपिक कार्ड निःशक्तजनो के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है| जिन निःशक्तजनो के द्वारा अभी तक आधार कार्ड/ईपिक कार्ड नहीं बनवाया गया है| उनका आधार कार्ड/ईपिक कार्ड बनवाने हेतु प्रेरित किया जावे तथा उनको बैंक से लिंक करने की सुविधा प्रदान किया जावे|

  7. पेंशन-

    सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 6 से 14 वर्ष के निःशक्त अध्ययनरत बच्चे जो कि बीपीएल 2002 कार्डधारी हो एवं इंदिरा गाँधी विकलांग पेंशन योजना में 18 से 79 वर्ष के निःशक्तो को जो कि बीपीएल 2002 कार्ड धारी हो उन्हें 300/- रु के पेंशन राशि का लाभ प्रदान किया जाता है| संपूर्ण संभाग में यह सुनिश्चित किया जावे कि कोई भी पात्र हितग्राही पेंशन से वंचित न हो|

  8. छात्रवृत्ति-

    निःशक्तजन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत प्राथमिक स्तर तक 50/- रू. प्रतिमाह, माध्यमिक स्तर पर 60/- रू., हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी स्तर पर 70/- रू. प्रतिमाह छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है| इसी प्रकार से कक्षा 9 वी से 12 वी एवं आईटीआई में अध्ययनरत निःशक्त छात्रों को दैनिक में 85/-रू, छात्रावासी 140/-रू तथा बीए/बीकाम/बीएससी में दैनिक हेतु 125/-रू. छात्रावासी हेतु 180/-रू. एवं स्नातकोतर एवं व्यवसायिक स्नातक दैनिक 170/-रू. छात्रावासी 240/-रू. समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है| प्राथमिकता के आधार पर संभाग के समस्त पात्र निःशक्त छात्र-छात्राओं को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जाये|

  9. विवाह प्रोत्साहन-

    इस योजन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ का मूल निवासी जो 40 प्रतिशत या इससे अधिक विकलांगता के हो तथा जिनकी आयु महिला होने की स्थिति में 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच हो, को शासन द्वारा 21,000/-रू. की राशि एकमुश्त निःशक्त विवाहित जोड़े को दी जाती है|जिसके लिए हितग्राही जिला कार्यालय समाज कल्याण विभाग में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकता है|

  10. कृत्रिम अंग उपकरण प्रदाय योजना-

    योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्ति को जिसके माता-पिता अभिभावक की मासिक आय 5,000/-रू. से 8,000/-रू. तक की आय होने पर 6,000/-रू. तक का संसाधन उपलब्ध कराया जा सकता है| इसके लिए जिला पुनर्वास केंद्र में संपर्क किया जा सकता है|

  11. निःशक्तजन तीर्थयात्रा योजना-

    इस योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के निःशक्त व्यक्ति कप अपने जीवन काल में एक बार किसी एक स्थान की तीर्थयात्रा करने की पात्रता है| तीर्थयात्रा योजना के अंतर्गत जिसमे 80 प्रतिशत बीपीएल एवं 20 प्रतिशत एपीएल कार्ड धारी तथा जो आयकर दाता न हो, इस यात्रा में शामिल हो सकते है| प्रत्येक निःशक्त व्यक्ति को एक सहायक ले जाने की भी सुविधा है|

  12. निःशक्तता के क्षेत्र में राज्यस्तरीय पुरस्कार योजना-

    निःशक्त जिन्होंने निःशक्तता होंते हुए भी किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये है| उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा 5,001/-रू. नगद एवं प्रशस्ति पत्र तथा ऐसे नियोक्ता जिनके द्वारा निःशक्तजनो के लिए उत्कृष्ट कार्य किये है, को 10,000/-रू. नगद प्रशस्ति प्रमाण पत्र एवं सर्वोत्तम स्वैक्षिक संस्था 5,001/-रू. नगद, प्रशस्ति पत्र तथा सर्वोत्तम जिले हेतु राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदाय किया जाता है| इस योजना हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार निर्धारित आवेदन करने पर जिला कलेक्टर के माध्यम से संचालक, समाज कल्याण, संचालनालय रायपुर छ.ग. को भेजे जाते है|

  13. आवासीय सुविधा-

    छ.ग. हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाये गये समस्त आवासीय कॉलोनियो में 2 आवास एवं व्यवसायिक दुकानों में 3 स्थान निःशक्तजनो के लिए सुरक्षित रखा जाता है, वर्ग विशेष अंतर्गत अधिक आवेदन प्राप्त होने पर लाटरी पद्धति से आबंटन किया जाता है| छ.ग. हाउसिंग बोर्ड के सभी ऑफिसो को भी निःशक्तजनो के सुविधानुरूप रैंप/शौचालय एवं जानकारी देने के लिए पृथक शाखा भी है,जहां से उन्हें त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है|

  14. श्रम विभाग-

    वर्तमान में श्रम विभाग अतर्गत निःशक्तजनो का पंजीयन लगभग नगण्य है| पंजीयन नहीं होने के कारण उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओ का लाभ नहीं मिल पा रहा है|'स्वयम' योजना के तहत निःशक्त जो कि संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है,उनका पंजीयन शत प्रतिशत करा लिया जावे| जिसमे पंजीकृत असंगठित श्रमिको के लिए चलाये जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ का लाभ प्राप्त हो सके|

  15. परिवहन विभाग-

    ऐसे निःशक्तजन जिनकी निःशक्तता 80% से अधिक है उन्हें परिवहन विभाग द्वारा निःशुल्क यात्रा हेतु पास जारी किया जाता है| पासधारी बस एवं ट्रेन में निःशुल्क यात्रा कर सकते है साथ ही उनके एक सहयोगी को यात्रा में 50% राशि का छुट प्रदान किया जाता है| सभी सर्वेक्षण पात्र उम्मीदवारों को इस योजनाओ के तहत लाभान्वित किया जावे|

  16. नगरीय निकाय-

    निःशक्तजनो को 2% का आरक्षण दूकान एवं गुमटी आबंटन में दिया जाता है|

  17. आरक्षण सुविधा-

    छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागों निगम एवं मंडलों में होने वाली भर्तियो/नियक्तियो में निःशक्तजनो को आरक्षण प्रदाय किया जाता है|

  18. स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत-

    मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना अंतर्गत कम सुनाई देने वाले एवं आयु 01 से 07 वर्ष तक के बालक/बालिकाओ का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज रायपुर में निःशुल्क किया जाता है|